Education Quality Improvement : स्कूलों में लापरवाही नहीं चलेगी! डीईओ ने प्राचार्यों को दिए सख्त निर्देश

Education Quality Improvement स्कूलों में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, नियमित अध्यापन और परीक्षा परिणाम सुधारने को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं।  छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के देवभोग विकासखंड के बीआरसीसी कार्यालय स्थित प्रशिक्षण कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर ने प्राचार्यों और संकुल समन्वयकों को शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जरूरी निर्देश दिए।

बैठक (Education Quality Improvement) की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर ने की। इसमें विकासखंड शिक्षा अधिकारी लीलांबर कश्यप सहित विकासखंड के सभी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्य तथा संकुल समन्वयक मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत डीईओ के स्वागत के साथ हुई।

 

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Education Quality Improvement बच्चों की उपस्थिति पर जोर

बैठक में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति (Education Quality Improvement) सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के पालकों से तत्काल संपर्क किया जाए। स्कूल का वातावरण रोचक, आकर्षक और भयमुक्त बनाया जाए, ताकि विद्यार्थी नियमित रूप से विद्यालय आएं और पढ़ाई में रुचि लें।

 

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पढ़ाई और परीक्षा परिणाम सुधारें

 

विद्यार्थियों (Education Quality Improvement) के पठन-लेखन कौशल को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन अभ्यास कराने और शैक्षणिक उपलब्धियों में सुधार लाने पर चर्चा हुई। शिक्षकों को निर्धारित समय-सारणी और शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार नियमित अध्यापन करने के निर्देश दिए गए। शिक्षक के अवकाश पर रहने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था से कक्षाएं संचालित करने तथा विषयवार व्याख्याता नहीं होने पर योग्य स्नातक शिक्षकों से अध्यापन कराने पर भी जोर दिया गया।

 

कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान

मासिक टेस्ट, यूनिट टेस्ट और त्रैमासिक परीक्षाओं के परिणामों का विश्लेषण कर कमजोर विद्यार्थियों की पहचान करने और उनके लिए उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था करने को कहा गया। डीईओ राजेश चंद्राकर ने शिक्षकों से पूरी तैयारी के साथ कक्षा में पहुंचने, विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने और डीएड-बीएड के दौरान सीखे गए शिक्षण कौशल के साथ विभागीय प्रशिक्षणों का लाभ उठाने की अपील की।

 

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डिजिटल रिकॉर्ड समय पर पूरे करें

बैठक में VSK में अनिवार्य उपस्थिति दर्ज करने, UDISE, छात्रवृत्ति और e-HRMS से जुड़ी प्रविष्टियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला और लाइब्रेरी का नियमित इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने विद्यालय परिसर की स्वच्छता और हरियाली बनाए रखने के साथ नियमित एसएमसी और पालक बैठकों पर जोर दिया।

 

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हर गतिविधि का रिकॉर्ड जरूरी

शैक्षणिक नवाचार (Education Quality Improvement) और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों के सामाजिक, नैतिक और व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान देने को कहा गया। इसके साथ ही शासकीय योजनाओं का बेहतर संचालन और विद्यालय में होने वाली प्रत्येक गतिविधि का रिकॉर्ड संधारित करने की आवश्यकता बताई गई।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी लीलांबर कश्यप ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, बच्चों की नियमित उपस्थिति और शासन की योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। बैठक में शामिल प्राचार्यों और संकुल समन्वयकों ने भी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करने की प्रतिबद्धता जताई।

 

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