छत्तीसगढ़ में सक्रिय मानसून का असर अब प्रदेश के सिंचाई जलाशयों (Reservoir Water Level) पर भी दिखाई देने लगा है। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के प्रमुख और मध्यम जलाशयों में जलभराव की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 12 प्रमुख जलाशयों में लाइव स्टोरेज 56.63 प्रतिशत और 34 मध्यम जलाशयों में 42.13 प्रतिशत दर्ज किया गया है। वर्तमान में राज्य के प्रमुख एवं मध्यम जलाशयों को मिलाकर कुल 54.34 प्रतिशत जल भंडारण उपलब्ध है। यह स्थिति पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में काफी बेहतर बताई जा रही है।
दुधावा, मनियारी और खारंग जलाशय बेहतर स्थिति में
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रमुख जलाशयों (Reservoir Water Level) में मनियारी जलाशय में 76.97 प्रतिशत, दुधावा बांध में 72.74 प्रतिशत, खारंग जलाशय में 67.10 प्रतिशत और सोंढूर जलाशय में 65.89 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है।
प्रदेश के सबसे बड़े मिनीमाता बांगो जलाशय (Reservoir Water Level) में भी लाइव स्टोरेज बढ़कर 59.42 प्रतिशत पहुंच गया है। वहीं रविशंकर सागर (गंगरेल) में 47.66 प्रतिशत, तांदुला में 43.93 प्रतिशत और सिकासार जलाशय में 41.10 प्रतिशत जलभराव हो चुका है।
Reservoir Water Level मध्यम जलाशयों में भी बढ़ा पानी
मध्यम जलाशयों (Reservoir Water Level) की स्थिति भी बारिश के कारण बेहतर हुई है। इनमें छिरपानी जलाशय 78.13 प्रतिशत, सूखा नाला बैराज 77.92 प्रतिशत, सुतियापाठ 73.28 प्रतिशत और पिपरिया नाला 70.19 प्रतिशत क्षमता तक भर चुके हैं। हालांकि कुछ जलाशयों में अभी भी जलभराव अपेक्षाकृत कम है। इनमें परलकोट, कुम्हारी, केशवा और मयाना जलाशय शामिल हैं।
पिछले साल से बेहतर जल भंडारण
जल संसाधन विभाग के अनुसार वर्तमान में राज्य के प्रमुख और मध्यम जलाशयों में कुल 3456.14 मिलियन घन मीटर पानी संग्रहित है। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब 2084.08 मिलियन घन मीटर था। विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता लगातार बनी रहने से आने वाले दिनों में जलाशयों के जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना है। बेहतर जल उपलब्धता से सिंचाई व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

