लोकेश्वर सिन्हा गरियाबंद…. छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पीवी ऐप में तकनीकी और व्यवहारिक समस्याओं, वेतन विसंगति और पदोन्नति में देरी से नाराज पटवारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने चेतावनी दी है कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आज से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया गया है। और पटवारियों ने इसके लिए शासन-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
वही राजस्व पटवारियों का कहना है कि पीवी ऐप के जरिए भौतिक सत्यापन का काम करने में कई तरह की तकनीकी और व्यवहारिक परेशानियां आ रही हैं। इन समस्याओं से विभाग को अवगत कराने के बाद भी अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। वहीं, तकनीकी दिक्कतों के बीच काम प्रभावित होने पर पटवारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
साथ ही पटवारी संघ ने अपने ज्ञापन में डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक पंजीयन, किसान पंजीयन, क्रॉप कटिंग, जनगणना, सिंचाई गणना, रेलवे सर्वे, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न शासकीय कार्यों का उल्लेख किया है। संघ का कहना है कि लगातार बढ़ते कार्यभार के बीच पटवारियों की समस्याओं का निराकरण किया जाना जरूरी है।
गरियाबंद जिले के राजस्व पटवारी संघ ने वर्षों से लंबित वेतन विसंगति और पदोन्नति के मामलों में भी तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संघ ने संबंधित अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय करने और समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आज 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।
अब देखना होगा कि पटवारियों की चेतावनी के बाद शासन-प्रशासन उनकी मांगों पर क्या कदम उठाता है। फिलहाल, वेतन विसंगति, पदोन्नति और पीवी ऐप की समस्याओं को लेकर पटवारी संघ ने अनिश्चित कालीन आंदोलन का रुख अपना लिया है।
