गरियाबंद जिले के छुरा ब्लाक के
आईएसबीएम विश्वविद्यालय, नवापारा-कोसमी में बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने वाले पॉक्सो अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों, उनकी सुरक्षा, यौन अपराधों की रोकथाम तथा ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिंग से संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूकता विकसित करना था।
इस संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में सुश्री युक्ति चौधरी, असिस्टेंट प्रोफेसर, आईसीएफएआई लॉ स्कूल, हैदराबाद ने पॉक्सो अधिनियम के विभिन्न कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों की रोकथाम, पीड़ित बच्चों के अधिकारों, कानूनी संरक्षण तथा ऐसी घटनाओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान की।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल कानून और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें शिक्षकों, अभिभावकों, शैक्षणिक संस्थानों और समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा किसी भी प्रकार के शोषण की स्थिति में संवेदनशीलता के साथ उचित कार्रवाई करना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. रानी झा, संयुक्त कुलसचिव, आईएसबीएम विश्वविद्यालय रहीं। उनके समन्वय में आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षकों एवं प्रतिभागियों को बाल संरक्षण से संबंधित कानूनी जिम्मेदारियों और सामाजिक दायित्वों को समझने का अवसर प्रदान किया।
संगोष्ठी के प्रमुख विषयों में पॉक्सो अधिनियम की समझ, बच्चों के अधिकार एवं संरक्षण, अपराधों की रोकथाम एवं रिपोर्टिंग की प्रक्रिया, शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका तथा सुरक्षित समुदायों का निर्माण शामिल रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बाल यौन शोषण के प्रति जागरूकता, समय पर शिकायत और संवेदनशील सहयोग के माध्यम से बच्चों के लिए सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण बनाया जा सकता है।
इस कार्यक्रम का संयोजक डां. अश्वनी कुमार साहू के द्वारा किया गया
इस कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया और प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर भी वक्ता के द्वारा दिया गया ।
आईएसबीएम विश्वविद्यालय, नवापारा-कोसमी में बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने वाले पॉक्सो अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों, उनकी सुरक्षा, यौन अपराधों की रोकथाम तथा ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिंग से संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूकता विकसित करना था।