छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था (Chhattisgarh Education System) पर सवाल खड़े करती तस्वीर गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड से सामने आई है। ग्राम ठेमली पथर्री के छोटे-छोटे बच्चे अपने स्कूल भवन को पूरा कराने की मांग लेकर तेज बारिश में भीगते हुए करीब 15 किलोमीटर पैदल चलकर मैनपुर ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे। बच्चों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल भवन पिछले पांच साल से अधूरा पड़ा है और एक ही कमरे में कक्षा पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई कराई जा रही है।
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बारिश में निकले बच्चे
मामला मैनपुर विकासखंड की बोईरगांव पंचायत के ग्राम ठेमली पथर्री का है। यहां कक्षा पहली से पांचवीं तक पढ़ने वाले बच्चे, उनके पालक और क्षेत्रीय जनपद सदस्य सुखचंद ध्रुव स्कूल भवन पूरा कराने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे। हाथों में बैनर लेकर बच्चों ने बारिश के बीच करीब 15 किलोमीटर की पदयात्रा की और नेशनल हाईवे से होते हुए मैनपुर पहुंचे। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब छोटे बच्चों को अपनी समस्या बताने के लिए इतनी दूर पैदल जाना पड़ रहा है, तो जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक उनकी परेशानी पर ध्यान क्यों नहीं दिया?
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पांच साल से अधूरा भवन
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के अनुसार, स्कूल का नया भवन (Incomplete School Building) पिछले पांच साल से अधूरा पड़ा है। भवन की छत तो डाल दी गई, लेकिन फर्श का काम भी पूरा नहीं हुआ है। इसके कारण कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों को एक ही कमरे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। एक कमरे में पांच कक्षाओं का संचालन होने से पढ़ाई की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। बच्चों को अलग-अलग कक्षाओं के हिसाब से पढ़ाने और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने में परेशानी होने की बात ग्रामीणों ने कही है।
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अधिकारियों को पहले भी दी सूचना
क्षेत्रीय जनपद सदस्य सुखचंद ध्रुव का कहना है कि स्कूल भवन को पूरा कराने के लिए कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिए गए, लेकिन पांच साल बाद भी निर्माण पूरा नहीं हुआ। ग्रामीणों ने इसे शिक्षा विभाग की लापरवाही बताते हुए जल्द निर्माण पूरा कराने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में संबंधित विभाग और अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
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पालकों ने किया बहिष्कार
स्कूल भवन अधूरा रहने से नाराज पालकों ने सामूहिक रूप से फैसला लिया है कि जब तक भवन पूरा नहीं होता, तब तक बच्चे स्कूल नहीं जाएंगे। ग्रामीणों और पालकों ने जनपद सदस्य के साथ मैनपुर पहुंचकर एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अब सवाल यह है कि बच्चों की इस पहल के बाद शिक्षा विभाग कब तक अधूरे भवन को पूरा कराने के लिए कदम उठाता है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई होगी और बच्चों को पढ़ाई के लिए उचित व्यवस्था मिल सकेगी।
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