Chhattisgarh Chunav : छत्तीसगढ़ में अगले 35 दिनों तक निकाय और पंचायत चुनावों (Chhattisgarh Election) की गहमागहमी रहेगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है।
इसके तहत नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के चुनाव एक ही दिन कराए जाएंगे, जबकि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (Chhattisgarh Election) तीन चरणों में संपन्न होंगे। इस दौरान पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और प्रत्याशियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
बिना खर्च सीमा के चुनाव लड़ सकेंगे पार्षद (Chhattisgarh Election)
इस चुनाव की सबसे दिलचस्प बात यह है कि नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में पार्षद पद और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में सभी पदों पर चुनाव लड़ने के लिए निर्वाचन आयोग ने कोई व्यय सीमा तय नहीं की है।
इसका मतलब यह है कि प्रत्याशी अपने चुनाव प्रचार में बेहिसाब खर्च कर सकते हैं। वहीं, अन्य चुनावों में आबादी के हिसाब से खर्च की सीमा निर्धारित की गई है।
निकाय और पंचायत चुनावों का पूरा आंकड़ा (Chhattisgarh Election)
राज्य में कुल 174 नगरीय निकायों में चुनाव होंगे, जिनमें कुल 3201 वार्ड शामिल हैं। इन चुनावों में विभिन्न निकायों का विवरण इस प्रकार है:
नगर निगम – 10, कुल 542 वार्ड
नगर पालिक परिषद – 49, कुल 949 वार्ड
नगर पंचायत – 114, कुल 1710 वार्ड
इनमें नगर पंचायतों में प्रत्याशी अधिकतम 6 लाख रुपए तक खर्च कर सकते हैं, लेकिन पार्षदों के लिए खर्च की कोई सीमा नहीं रखी गई है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की विशेष व्यवस्था (Chhattisgarh Election)
इन चुनावों में मतपत्रों का उपयोग किया जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से किया जाएगा, यानी इसे नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों द्वारा चुना जाएगा। इसी तरह, जनपद अध्यक्ष भी जनपद सदस्यों के मतदान से चुने जाएंगे।
5 वार्डों में होंगे उपचुनाव (Chhattisgarh Election)
इसके साथ ही राज्य में 5 वार्डों में उपचुनाव भी कराए जाएंगे। उपचुनाव में भी निकायों के विभिन्न पदों पर चुनाव संपन्न किए जाएंगे।
बढ़ेगा चुनावी खर्च, पारदर्शिता पर सवाल (Chhattisgarh Election)
चुनाव में खर्च की सीमा नहीं होने के कारण प्रत्याशी धनबल और संपत्तियों का उपयोग कर चुनाव प्रचार करेंगे, जिससे चुनावी मुकाबला और महंगा होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे चुनावों में पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है और बड़े बजट वाले उम्मीदवारों को फायदा मिलेगा।
राजनीतिक दलों की तैयारी तेज (Chhattisgarh Election)
राजनीतिक दलों ने चुनावी रणनीतियां बनानी शुरू कर दी हैं। भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों ने अपने संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। ग्रामीण इलाकों में भी चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं, जहां त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर आम जनता में उत्सुकता बनी हुई है।
क्या कहता है चुनाव आयोग (Chhattisgarh Election)
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, पार्षदों और पंचायत पदों पर खर्च की सीमा न होने से आयोग को चुनावी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी होगी।
अगले कुछ दिनों में प्रत्याशी अपने नामांकन दाखिल करेंगे और चुनाव प्रचार जोरों पर होगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार के चुनाव में कौन बाजी मारता है और किसके हाथ से सत्ता फिसलती है।
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