उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व को मिला राष्ट्रीय स्तर का नेक्सस ऑफ गुड वार्षिक पुरस्कार 2026, लैंडस्केप सिक्योरिटी मॉडल को मिली बड़ी पहचान तकनीक, खुफिया सूचना और मैदानी कार्रवाई के अनूठे समन्वय ने दिलाया सम्मान, वन्यजीव संरक्षण के साथ संगठित पर्यावरणीय अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई को मिली राष्ट्रीय सराहना।

लोकेश्वर सिन्हा, गरियाबंद….
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद और धमतरी जिले में फैले उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। टाइगर रिजर्व को उसके अभिनव और एकीकृत लैंडस्केप सिक्योरिटी मॉडल के लिए प्रतिष्ठित पांचवें नेक्सस ऑफ गुड वार्षिक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और संगठित पर्यावरणीय अपराधों की रोकथाम के लिए रिजर्व द्वारा विकसित प्रभावी कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता है।

इस पुरस्कार के लिए चयन पूर्व संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष श्री दीपक गुप्ता की अध्यक्षता वाली प्रतिष्ठित जूरी ने किया। वर्ष 2026 में देशभर से 26 व्यक्तियों और संस्थाओं को उनके प्रभावशाली, नवाचारी और अनुकरणीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। ऐसे में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का चयन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।

*पारंपरिक वन संरक्षण से आगे बढ़कर तैयार किया आधुनिक सुरक्षा मॉडल…..*

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व ने वन संरक्षण की पारंपरिक व्यवस्था और शिकार विरोधी अभियानों से आगे बढ़कर एक व्यापक, खुफिया सूचना आधारित और तकनीक सक्षम लैंडस्केप सिक्योरिटी मॉडल विकसित किया है। इस मॉडल का उद्देश्य केवल वन्यजीवों के शिकार को रोकना ही नहीं, बल्कि जंगल और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वाले संगठित अपराधों के पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना है।

इस कार्यप्रणाली में वन भूमि पर अतिक्रमण, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार नेटवर्क, विस्फोटक सामग्री के माध्यम से वन्यजीवों का शिकार, अंतरराज्यीय लकड़ी तस्करी और अवैध खनन जैसी गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। इससे वन और वन्यजीवों के लिए खतरा बनने वाले विभिन्न अपराधों पर एक साथ निगरानी और कार्रवाई संभव हो रही है।

*सैटेलाइट, ड्रोन और जीआईएस तकनीक से जंगलों की निगरानी….*

टाइगर रिजर्व की टीम ने इस मॉडल को प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और मैदानी स्तर की खुफिया जानकारी का समन्वय किया है। इसके तहत सैटेलाइट इमेजरी, ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग, डिजिटल साक्ष्य और खुफिया सूचना तंत्र का उपयोग किया जा रहा है।
इसके अलावा विशेष मैदानी अभियान चलाने के साथ वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB), राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और राज्य पुलिस जैसी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ अंतरराज्यीय समन्वय स्थापित किया गया है। इस संयुक्त कार्यप्रणाली से दुर्गम वन क्षेत्रों और अंतरराज्यीय सीमाओं पर सक्रिय संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिली है।

*अपराध के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई है मॉडल की खासियत…*

लैंडस्केप सिक्योरिटी मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी एक वन्यजीव अपराध तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी जाती, बल्कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली पूरी आपराधिक व्यवस्था को निशाना बनाया जाता है।
तकनीक, मैदानी खुफिया सूचनाओं, स्थानीय समुदाय की भागीदारी और विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वय से जंगलों, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और पारिस्थितिक संपदा की सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्था विकसित की गई है। यह मॉडल बताता है कि आधुनिक तकनीक और जमीनी स्तर पर सक्रिय निगरानी के माध्यम से संवेदनशील वन क्षेत्रों को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।

*नेक्सस ऑफ गुड फाउंडेशन के अध्यक्ष ने दी बधाई….*

नेक्सस ऑफ गुड फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री अनिल स्वरूप ने व्यक्तिगत रूप से जूरी के निर्णय की जानकारी देते हुए उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप संचालक और पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
यह पुरस्कार टाइगर रिजर्व के अधिकारियों, अग्रिम पंक्ति में तैनात वनकर्मियों और मैदानी टीमों के सामूहिक प्रयास, समर्पण और प्रतिबद्धता का सम्मान है। दुर्गम जंगलों में लगातार निगरानी, वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरणीय अपराधों के विरुद्ध कार्रवाई करने वाले मैदानी कर्मचारियों के योगदान को भी इस सम्मान के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान मिली है।

*वन विभाग की पूरी टीम के लिए गौरव का क्षण….*

यह सम्मान केवल उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की संस्थागत उपलब्धि नहीं है, बल्कि जंगलों की सुरक्षा में दिन-रात जुटे वनकर्मियों के साहस, समर्पण और अथक प्रयासों की भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। इस उपलब्धि से वन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक आधारित कार्यप्रणाली को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का यह मॉडल देश के अन्य वन क्षेत्रों के लिए भी अनुकरणीय बन सकता है। राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान ने गरियाबंद-धमतरी के वनांचल और छत्तीसगढ़ के वन विभाग की उपलब्धियों को नई पहचान दिलाई है।उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व को मिला राष्ट्रीय स्तर का नेक्सस ऑफ गुड वार्षिक पुरस्कार 2026, लैंडस्केप सिक्योरिटी मॉडल को मिली बड़ी पहचान
तकनीक, खुफिया सूचना और मैदानी कार्रवाई के अनूठे समन्वय ने दिलाया सम्मान, वन्यजीव संरक्षण के साथ संगठित पर्यावरणीय अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई को मिली राष्ट्रीय सराहना।