लोकेश्वर सिन्हा, गरियाबंद…..
जिले में राजस्व व्यवस्था पूरी तरह से चरमराने लगी है। छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ के बैनर तले जिले के सभी पटवारी अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। प्रांतीय आह्वान पर शुरू हुई इस हड़ताल के बाद से तहसील और पटवारी हल्कों में सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे किसानों से लेकर आम लोगों और स्कूली बच्चों तक को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पटवारी संघ ने जिला मुख्यालय के गांधी मैदान में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है और दो टूक कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।
क्यों हड़ताल पर हैं पटवारी? चार प्रमुख मांगें….
लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन से गुहार लगा रहे पटवारियों का आरोप है कि उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। मजबूरन उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। संघ की चार प्रमुख मांगें.
पटवारियों का कहना है कि शासन द्वारा धान की गिरदावरी और फसल के भौतिक सत्यापन के लिए लाए गए PV ऐप में कई तकनीकी और व्यावहारिक खामियां हैं। नेटवर्क की समस्या, लोकेशन एरर और सर्वर डाउन होने से काम पूरा नहीं हो पाता। इसी कारण वे PV ऐप में काम करने का बहिष्कार कर रहे हैं।
PV ऐप का बहिष्कार करने पर शासन द्वारा कई पटवारियों पर निलंबन, स्थानांतरण और नोटिस जारी करने जैसी दमनकारी कार्रवाई की गई है। संघ की मांग है कि यह कार्रवाई बिना शर्त वापस ली जाए।
पटवारी लंबे समय से वेतन विसंगति को दूर करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि समान कार्य के बावजूद उन्हें अन्य कर्मचारियों की तुलना में कम वेतन मिल रहा है।
पात्र पटवारियों को राजस्व निरीक्षक (RI) के पद पर विभागीय पदोन्नति देने की मांग भी प्रमुख है, जो वर्षों से लंबित है।
हड़ताल का सीधा असर – किसान और छात्र सबसे ज्यादा परेशान……
पटवारियों के हड़ताल पर चले जाने से राजस्व विभाग से जुड़े सैकड़ों काम ठप हो गए हैं।
किसानों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जमीन की नकल, खसरा-खतौनी, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और फसल सत्यापन जैसे काम अटक गए हैं। धान खरीदी के सीजन में गिरदावरी नहीं होने से किसान भटकने को मजबूर हैं।
वहीं दूसरी ओर आम जनता और स्कूली बच्चों के आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। पटवारी की रिपोर्ट के बिना ये प्रमाण पत्र जारी नहीं होते, जिसके कारण छात्रों को छात्रवृत्ति और प्रवेश में भी परेशानी हो रही है।
कब तक जारी रहेगी हड़ताल……
छत्तीसगढ़ में यह हड़ताल सिर्फ गरियाबंद में नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में एक साथ चल रही है। प्रशासन ने 150 से अधिक पटवारियों को नोटिस भी जारी किया है, लेकिन संघ अपने फैसले पर अडिग है।
फिलहाल शासन और पटवारी संघ के बीच कोई सहमति नहीं बनी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस गतिरोध का हल कब निकलेगा और आम जनता को इस परेशानी से कब राहत मिलेगी।![]()