गरियाबंद में विकास के नाम पर मजदूरों की जान से खिलवाड़, हाई-वोल्टेज लाइन पर नंगे हाथ काम कर रहे मजदूर, बिना हेलमेट-बेल्ट के ऊंचे पोल पर काम विभाग मौन, ठेकेदार बेलगाम

लोकेश्वर सिन्हा गरियाबंद….. जिले में विकास कार्यों के नाम पर श्रमिकों की जान से खिलवाड़ का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नेशनल हाईवे 130 सी (NH-130C) पर पाण्डुका के समीप चल रहे विद्युत पोल शिफ्टिंग के कार्य में सुरक्षा मानकों को पूरी तरह से दरकिनार किया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, 30 से 35 फीट ऊंचे बिजली के पोल पर श्रमिक बिना किसी सुरक्षा उपकरण के चढ़कर काम करते नजर आए। न तो उनके सिर पर हेलमेट था, न आंखों पर सुरक्षा चश्मा, न हाथों में इंसुलेटेड ग्लव्स और न ही ऊंचाई पर काम करने के लिए अनिवार्य सेफ्टी बेल्ट और लाइफ लाइन। नीचे जमीन पर भी कोई सुरक्षा जाली, बैरिकेडिंग मौजूद नहीं था। एक छोटी सी चूक सीधे जानलेवा हादसे में बदल सकती है।

*विभाग की चुप्पी, ठेकेदार बेलगाम…..*
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर बात विभागीय लापरवाही है। नियमानुसार किसी भी विद्युत कार्य से पहले ठेकेदार को श्रमिकों की सुरक्षा का पूरा इंतजाम देना होता है। मौके पर विभाग का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं मिला।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग भी इस लापरवाही से इत्तेफाक रखता है। कार्रवाई के नाम पर केवल कागजी नोटिस देकर खानापूर्ति कर ली जाती है। हादसा होने के बाद जांच और मुआवजे की बात कही जाती है, लेकिन हादसा रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।

इस संबंध में जब कार्यपालन अभियंता, विद्युत वितरण कंपनी गरियाबंद, एच.के. ठाकुर से पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनका कहना है कि “ठेकेदार को हम हमेशा है यह बोलते हैं कि सेफ्टी उपकरण का उपयोग किया करें पर उनके द्वारा हमेशा लापरवाही की जाती है ठेकेदार को नोटिस पका दिया जाएगा कि आप बिना सेफ्टी सुरक्षा के काम ना किया जाए
हमेशा जो कार्य आदेश रहते हैं, उसमें स्पष्ट दिशा निर्देश रहते हैं कि सुरक्षा नियमों का पालन करके ही काम किया जाए। पर उसके द्वारा हमेशा अनदेखी की जाती है।
ठेकेदार ताराचंद साहू करके है, उसके ऊपर कार्यवाही की जाएगी।”

बड़ा सवाल यह है कि क्या नोटिस से श्रमिक की जान बच जाएगी? क्या विभाग को हादसे का इंतजार है?
यह सिर्फ एक पोल शिफ्टिंग का मामला नहीं है, यह गरीब श्रमिक की जान की कीमत तय करने का मामला है। सड़क चौड़ीकरण के लिए पोल हटाए जा रहे हैं, लेकिन अगर इसी दौरान कोई मजदूर पोल से गिरकर जान गंवा देता है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? विभाग का नोटिस या ठेकेदार की लापरवाही?