धान उपार्जन अवधि में की गई कटौती सरकार की किसान विरोधी निति : तेजराम विद्रोही 31 जनवरी के बजाय 15 जनवरी तक होगी खरीदी

लोकेश्वर सिन्हा गरियाबंद….
राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य में धान उपार्जन नीति 30 अक्टूबर 2026 को जारी की गई है जिसके अनुसार इसलिए वर्ष किसानों से धान की नगद व लिकिंग में खरीदी की अवधि 15 नवम्बर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक की जाएगी। जिसमें निर्धारित समर्थन मूल्य धान कॉमन 2441 रूपये प्रति क्विंटल, और धान ग्रेड ए 2461 रूपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी जाएगी और बढ़ी हुई समर्थन मूल्य 3358 रूपये प्रति क्विंटल देने के प्रति सरकार ने चुप्पी साध रखी है।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन विषयक नीति की आलोचना करते हुए भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष तेजराम विद्रोही ने कहा कि धान उपार्जन अवधि में कटौती करना राज्य सरकार की किसान विरोधी नीति को स्पष्ट करती है। पिछले साल 31 जनवरी तक पुरे किसानों की धान खरीदी नहीं हो पाने के कारण सरकार को दो दिन अवधि और बढ़ानी पड़ी थी परन्तु इस साल खरीदी शुरू होने से पहले ही खरीदी की दिनों में कटौती करते 31 जनवरी के बजाय 15 जनवरी कर दी गई। इससे किसानों एवं समितियों में फसल बेचने व खरीदने को लेकर अतिरिक्त दबाव बनेगी जो कहीं न कहीं सुचारु खरीदी व्यवस्था को प्रभावित करेगी। टोकन का व्यवस्था भी पहले जैसे ही है जिससे होने वाली परेशानियों का सामना किसानों को हर बार करना पडता है।
इसलिए भारतीय किसान यूनियन मांग करती है कि धान खरीदी की अवधि को 31 जनवरी तक पूर्ववत रखी जाए ताकि इसके बाद भी मौसम, बारदाना कमी अथवा खरीदी केंद्रों में जगह की कमी आदि परिस्थिति के आधार पर अवधि को और आगे बढ़ायी जा सके।धान उपार्जन अवधि में की गई कटौती सरकार की किसान विरोधी निति : तेजराम विद्रोही 
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