लोकेश्वर सिन्हा, गरियाबंद….. गरियाबंद जिले में पुलिस को आज एक बड़ी सफलता मिली है। जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र के राजाडेरा के घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जमीन में दबाकर रखे गए 21 लाख रुपये बरामद किए हैं। इस मामले में दो आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बताया जा रहा है कि यह रकम नक्सलियों ने लंबे समय पहले डंप कर जमीन में छिपा कर रखी थी, जिसे निकालने के लिए ये तीनो जंगल पहुंचे थे।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ आत्मसमर्पित नक्सली अपने पुराने डंप से पैसा निकालने के लिए राजाडेरा जंगल में पहुंचे हैं। सूचना मिलते ही मैनपुर थाना पुलिस और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे जंगल की घेराबंदी कर दी।
जैसे ही तीनों आरोपी जंगल में जमीन के अंदर दबाए गए डंप को खोदकर रुपये निकाल कर लौट रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें घेर कर धर दबोचा। मौके पर ही तलाशी ली गई तो उनके पास मौजूद बैग के अंदर टिफिन में छिपाकर रखी भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई।
तलाशी के दौरान पता चला कि आरोपी टिफिन के डिब्बों के अंदर 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां छिपाकर ले जा रहे थे। मौके पर गिनती करने पर कुल रकम 21 लाख रुपये पाई गई। पुलिस ने पूरी नकदी को जब्त कर लिया है।
वही आशंका जताई जा रही है कि यह रकम व्यापारियों और तेंदूपत्ता के ठेकेदारों से लेवी-वसूली के जरिए इकट्ठा की गई थी और नक्सली गतिविधियों के संचालन के लिए डंप कर रखी गई थी।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं ?
सिंगे उर्फ रोशनी (25 वर्ष) निवासी ग्राम गामगुलावर थाना चित्तलनार जिला सुकमा – बताया जा रहा है कि यह 1 करोड़ रुपये के इनामी बड़े नक्सली कमांडर चलपति की गार्ड रह चुकी है और खुद सक्रिय नक्सली रही है।
बुधरी उर्फ सोनी (35 वर्ष) निवासी ग्राम एटेंगट्टा थाना ऐर्राबोर जिला सुकमा – यह भी नक्सल संगठन में सक्रिय महिला नक्सली रही है।
नोहर मरकाम (36 वर्ष) निवासी ग्राम भूतबेड़ा, थाना शोभा जिला गरियाबंद – यह स्थानीय सहयोगी के रूप में काम कर रहा था और वर्तमान में नव आरक्षक के पद पर कार्यरत बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक दोनों महिला नक्सलियों ने पहले ही आत्मसमर्पण कर दिया था और सुकमा जिले में पुलिस कैंप में रहती थीं, लेकिन वे वहां से निकलकर अपने पुराने डंप में छिपाए गए पैसे को निकालने के लिए गरियाबंद आई थीं।
इस पूरी कार्रवाई को लेकर गरियाबंद ASP करण कुमार उइके ने बताया –
“ये थाना मैनपुर क्षेत्र के अंतर्गत एक मुखबिर सूचना प्राप्त हुई थी कि राजा डेरा गाँव में पहाड़ी क्षेत्र में कुछ संदिग्ध लोग, वहाँ तीन लोग घूम रहे हैं। इस पर हमारी टीम वहाँ पहुंची और वहाँ पर हमने उन्हें चेक किया तो उनके पास से हमें नक्सलियों के द्वारा डंप किया हुआ नगद राशि जो कि इक्कीस लाख रुपया बरामद हुआ। ये तीनों में से दो महिला, एक पुरुष थे। ये दोनों महिला आत्मसमर्पित नक्सली थी, जो पूर्व में सक्रिय थी। ये उन नक्सलियों के द्वारा जो पूर्व में कई जगह सामान या राशि डंप की जाती है, उन्हीं में से एक डंप था। ये पहले नक्सली संगठन में सक्रिय थे, उनमें से एक तो एक करोड़ के इनामी नक्सली चलपति की गार्ड भी थी। मामला दर्ज, जांच जारी
इस पूरे मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 61(2) और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की धारा 17, 18, 20, 38 और 40 के तहत अपराध दर्ज कर विधिवत कार्यवाही शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि जंगल में और कहां-कहां नक्सलियों ने हथियार और नकदी के डंप छिपा रखे हैं।