अतिक्रमण से जख्मी हुए 3500 पेड़ों को नया जीवन देगा वन विभाग, करका गांव में पेड़ों के लिए शुरू हुई ‘सर्जरी’…. उदंती-सीतानदी में अनोखी मुहिम….

लोकेश्वर सिन्हा, गरियाबंद….. उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के करका गांव में अतिक्रमण के दौरान हुई भारी तबाही के निशान अब भी जंगल में मौजूद हैं। अतिक्रमणकारियों ने यहां न सिर्फ जमीन पर कब्जा किया, बल्कि हजारों विशाल और दशकों पुराने पेड़ों के तनों की छाल को चारों तरफ से काटकर उन्हें सुखाने की कोशिश की। अब इसी जख्मी जंगल को बचाने के लिए उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने एक अनूठी पहल शुरू की है।
वन विभाग की टीम अब ‘ट्री डॉक्टर’ की मदद से करीब 3 हजार 500 घायल पेड़ों का वैज्ञानिक तरीके से इलाज कर रही है।

क्यों जरूरी है ये पहल?…..
वन अधिकारियों के अनुसार, जंगल को बचाने के लिए सिर्फ पौधरोपण करना ही काफी नहीं है। एक नया पौधा पेड़ बनने में 20-30 साल लेता है, जबकि एक विकसित पेड़ उसी जंगल के पूरे इकोसिस्टम को संभालता है। करका गांव के ये पेड़ टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों के लिए आश्रय, भोजन और जैव विविधता का मुख्य आधार हैं।

जब पेड़ की छाल को चारों तरफ से काट दिया जाता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘गर्डलिंग’ कहा जाता है, तो जड़ों से पत्तों तक पानी और पोषक तत्वों का प्रवाह पूरी तरह बंद हो जाता है और पेड़ धीरे-धीरे सूख जाता है।

कैसे हो रहा है इलाज?
पेड़ों की क्षति के हिसाब से तीन तरह की तकनीक अपनाई….
ब्रिज ग्राफ्टिंग: जिन पेड़ों की छाल पूरी तरह से अलग कर दी गई है, वहां डॉक्टर तने के ऊपर और नीचे के जीवित हिस्से को एक पुल (ब्रिज) के जरिए फिर से जोड़ रहे हैं, ताकि पोषण का रास्ता फिर से चालू हो सके।
लिक्विड बैंडेजिंग: जो पेड़ ज्यादा गहरे जख्मी हैं, उनके तनों पर एक विशेष प्रकार का जैविक घोल और पेस्ट लगाया जा रहा है। यह घोल तने को फंगस और कीड़ों से बचाएगा और नई छाल बनने में मदद करेगा।
रूट ट्रीटमेंट: पेड़ों को अंदर से मजबूत करने के लिए जड़ों के पास विशेष पोषक घोल डाला जा रहा है।

जंगल बचाने का संदेश…. उदंती-सीतानदी प्रबंधन की यह पहल पूरे छत्तीसगढ़ में वन संरक्षण का एक नया मॉडल बन सकती है। यह साबित करती है कि जंगल उजाड़ना आसान है, लेकिन उसे बचाने के लिए सर्जरी जैसे वैज्ञानिक प्रयास करने पड़ते हैं।
विभाग को उम्मीद है कि समय पर इलाज मिलने से इनमें से अधिकांश पेड़ों को बचाया जा सकेगा, हालांकि इसकी सफलता पेड़ों को पहुंची क्षति की गंभीरता पर निर्भर करेगी।अतिक्रमण से जख्मी हुए 3500 पेड़ों को नया जीवन देगा वन विभाग, करका गांव में पेड़ों के लिए शुरू हुई 'सर्जरी'....
उदंती-सीतानदी में अनोखी मुहिम....