National Highway 30 : छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा (NHAI Safety Upgrade) और यातायात व्यवस्था को अधिक मजबूत और व्यवस्थित बनाने की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया एनएचएआई) द्वारा लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य में चिन्हांकित दुर्घटना संभावित ब्लैक-स्पॉट्स को दुरुस्त करने के साथ ही अंडर-पास और सर्विस रोड निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इन कार्यों को सड़क सुरक्षा सुधार की व्यापक रणनीति के रूप में लागू किया जा रहा है।
एनएचएआई द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं (NHAI Safety Upgrade) की रोकथाम के लिए कई स्तरों पर संरचनात्मक सुधार किए गए हैं। इसके तहत विभिन्न संवेदनशील और व्यस्त मार्गों पर रंबल स्ट्रिप्स, क्रैश बैरियर्स, सोलर ब्लिंकर, हाई-मास्ट लाइट्स और मानक साइन बोर्ड्स लगाए गए हैं। इन उपायों का उद्देश्य वाहन चालकों को समय रहते सतर्क करना और अचानक होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है। सड़क सुरक्षा से जुड़े ये कार्य (NHAI Safety Upgrade) के तहत चिन्हित ब्लैक-स्पॉट्स पर केंद्रित किए गए हैं।
स्थानीय आवागमन और हाईवे ट्रैफिक के बीच टकराव को कम करने के लिए अंडर-पास और सर्विस रोड निर्माण को विशेष महत्व दिया गया है। इसी क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग–53 के दुर्ग से महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़ सीमा खंड पर सुंदरा, पेंड्री, चिचोला, महाराजपुर और सोमनी गांवों में अंडर-पास एवं सर्विस रोड निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। लगभग 90 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से होने वाले ये कार्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित पारगमन सुविधा उपलब्ध कराएंगे और यातायात दबाव को भी कम करेंगे, जो (NHAI Safety Upgrade) के मूल उद्देश्यों में शामिल है।
ये भी पढ़े : बीजेपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष कैसे चुना जाएगा? जानिए नियम, प्रक्रिया और पूरी समय-सीमा
30 करोड़ रुपये की लागत से अंडर-पास निर्माण
इसके साथ ही रसमड़ा क्षेत्र में लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से अंडर-पास निर्माण की प्रक्रिया भी प्रगति पर है। यह इलाका औद्योगिक गतिविधियों और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता रहा है। अंडर-पास निर्माण से यहां ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि (NHAI Safety Upgrade) के तहत तय किए गए मानकों को पूरा किया जा सके।
वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग–30 के रायपुर–सिमगा खंड पर भी अंडर-पास और बायपास क्रॉसिंग निर्माण को लेकर अहम प्रगति हुई है। सांकरा और सिलतरा में 80 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से अंडर-पास निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके अलावा चरोदा में लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये की लागत से बायपास क्रॉसिंग निर्माण की योजना को भी स्वीकृति मिल चुकी है। इन परियोजनाओं से राजधानी क्षेत्र के आसपास यातायात प्रवाह सुचारु होगा और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी, जो (NHAI Safety Upgrade) की सफलता को और मजबूती देगा।
206 करोड़ 85 लाख रुपये की अनुमानित लागत
कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों (NHAI Safety Upgrade) पर लगभग 206 करोड़ 85 लाख रुपये की अनुमानित लागत से अंडर-पास, सर्विस रोड और सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न निर्माण कार्य अलग-अलग चरणों में क्रियान्वित किए जा रहे हैं। एनएचएआई का यह प्रयास हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित, व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।
ये भी पढ़े : MG Majestor : बोल्ड डिजाइन, पावरफुल डीजल इंजन! Fortuner को सीधी टक्कर देने आ रही है नई एमजी मैजेस्टर
NHAI Safety Upgrade सड़क सुरक्षा को लेकर NHAI का बड़ा कदम
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एनएचएआई द्वारा व्यापक सुधार कार्य किए जा रहे हैं। ब्लैक-स्पॉट्स की पहचान कर संरचनात्मक बदलाव, अंडर-पास और सर्विस रोड निर्माण की परियोजनाओं को तेज किया गया है। लगभग 206 करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से चल रहे इन कार्यों का उद्देश्य दुर्घटनाओं पर नियंत्रण, यातायात प्रवाह को सुचारु बनाना और हाईवे पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है।
