Mahima Chaudhary : कार एक्सीडेंट ने बदल दी किस्मत, बिगड़ा चेहरा और हाथ से निकलीं कई फिल्में, संघर्ष के बाद पर्दे पर लौटीं महिमा चौधरी

Mahima Chaudhary Comeback : 90 के दशक में दर्शकों की चहेती रहीं एक्ट्रेस महिमा चौधरी (Mahima Chaudhary) एक बार फिर चर्चा में हैं। वह जल्द ही संजय मिश्रा के साथ फिल्म ‘दुर्लभ प्रसाद की दूसरी शादी’ में नजर आने वाली हैं। लंबे समय बाद हिंदी सिनेमा में वापसी कर रहीं महिमा की जिंदगी आसान नहीं रही। करियर के शिखर पर पहुंचने के बाद उन्होंने ऐसे दौर देखे, जिन्होंने उनकी निजी और प्रोफेशनल जिंदगी दोनों को झकझोर कर रख दिया।

महिमा चौधरी (Mahima Chaudhary) 90s की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शुमार थीं। परदेस, दिल क्या करे और धड़कन जैसी हिट फिल्मों ने उन्हें स्टार बना दिया था। लेकिन साल 1999 में फिल्म दिल क्या करे की शूटिंग के दौरान उनका भयानक कार एक्सीडेंट हो गया। इस हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनके चेहरे व शरीर में 67 कांच के टुकड़े घुस गए थे, जिन्हें सर्जरी के जरिए निकाला गया। इस दुर्घटना के बाद उनका करियर अचानक पटरी से उतर गया।

एक्सीडेंट के बाद महिमा (Mahima Chaudhary)को लंबे समय तक घर पर रहना पड़ा। इसी दौरान उनके हाथ से कई बड़ी फिल्में निकल गईं। इसके अलावा उनकी निजी जिंदगी में भी उथल-पुथल रही। उनकी पहली शादी टूट गई और बाद में उन्हें ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ा, जिससे वह काफी समय बाद उबर पाईं।

Mahima Chaudhary करियर को बड़ा नुकसान हुआ

हाल ही में सिद्धार्थ कनन को दिए इंटरव्यू में महिमा ने अपने संघर्षों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पहली फिल्म के बाद ही उन्हें कानूनी विवादों में घसीटा गया और झूठे कॉन्ट्रैक्ट के बहाने कई फिल्मों से बाहर कर दिया गया। एक्सीडेंट के बाद एक साल तक घर पर बैठना पड़ा, जिससे करियर को बड़ा नुकसान हुआ।

महिमा ने यह भी बताया कि एक्सीडेंट के बाद उनका चेहरा पूरी तरह सूज गया था। माइक्रोस्कोप की मदद से चेहरे से कांच के टुकड़े निकाले गए। उस दौर में वह धूप में बाहर नहीं निकल सकती थीं और टांकों के कारण लगातार सावधानी बरतनी पड़ती थी। बावजूद इसके, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और छोटे रोल से फिर से शुरुआत की।

गौरतलब है कि साल 2025 में महिमा चौधरी कंगना रनौत की ‘इमरजेंसी’ और इब्राहिम अली खान-खुशी कपूर की ‘नादानियां’ में भी नजर आ चुकी हैं। भले ही इन फिल्मों को खास प्रतिक्रिया न मिली हो, लेकिन महिमा की वापसी उनके संघर्ष और जज़्बे की कहानी बयां करती है।