Kidney Damage Symptoms : किडनी खराब होने का संकेत हैं ये लक्षण, अनदेखी से बढ़ सकता है खतरा

Kidney Damage symptoms : किडनी (Kidney Damage Symptoms) हमारे शरीर के बेहद अहम अंगों में से एक है, जो पूरे शरीर को स्वस्थ रखने में बड़ी भूमिका निभाती है। यह खून को साफ करने, वेस्ट बाहर निकालने और शरीर में फ्लूइड का संतुलन बनाए रखने का काम करती है। ऐसे में किडनी की सेहत को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।

किडनी (Kidney Damage Symptoms) रोजाना बिना शोर किए लगातार काम करती रहती है। यह वेस्ट को फिल्टर करती है और शरीर में पानी व मिनरल्स का बैलेंस बनाए रखती है। लेकिन जब किडनी में गड़बड़ी शुरू होती है, तो वह कई छोटे-छोटे संकेतों के जरिए शरीर को चेतावनी देने लगती है। यूरिन में झाग दिखना, टखनों में सूजन आना या हर समय थकान महसूस होना ऐसे लक्षण हैं, जिन्हें अक्सर लोग मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

जबकि इन लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो बड़ी किडनी समस्याओं से बचा जा सकता है। खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों को किडनी से जुड़े संकेतों को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहना चाहिए। डायबिटीज दुनिया भर में किडनी खराब होने की सबसे बड़ी वजहों में से एक मानी जाती है।

Kidney Damage Symptoms यूरिन में झाग

अगर टॉयलेट करने के बाद यूरिन में झाग नजर आए और फ्लश करने के बाद भी वह देर तक बना रहे, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि यूरिन में प्रोटीन लीक हो रहा है। यह किडनी खराब होने का एक अहम रेड फ्लैग है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में प्रोटीन्यूरिया (Proteinuria) कहा जाता है।

सामान्य तौर पर किडनी (Kidney Damage Symptoms) प्रोटीन को फिल्टर कर शरीर में बनाए रखती है, लेकिन जब वह ठीक से काम नहीं कर पाती, तो प्रोटीन यूरिन के जरिए बाहर निकलने लगता है। हालांकि, यह डिहाइड्रेशन, यूरिन इंफेक्शन (UTI) या ज्यादा प्रोटीन डाइट के कारण भी हो सकता है, इसलिए सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

डायबिटीज के मरीजों में हाई ब्लड शुगर किडनी के फिल्टर को नुकसान पहुंचाती है, जिससे प्रोटीन लीक होने लगता है। अगर यह लक्षण हफ्तों तक बना रहे, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें और समय रहते यूरिन टेस्ट जरूर कराएं।

Kidney Damage Symptoms टखनों में सूजन

शाम होते-होते पैरों या टखनों में सूजन आ जाना या मोजे और टाइट जूतों के गहरे निशान पड़ना भी किडनी (Kidney Damage Symptoms) खराब होने का संकेत हो सकता है। जब किडनी शरीर से अतिरिक्त फ्लूइड और नमक को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाती, तो खून में प्रोटीन का स्तर गिरने लगता है और यह यूरिन में ज्यादा निकलने लगता है। इसका असर शरीर के अलग-अलग हिस्सों—जैसे पैर, टखने और चेहरा—में सूजन (एडिमा) के रूप में दिखता है।

यह स्थिति अक्सर नेफ्रोटिक सिंड्रोम या क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) में देखने को मिलती है। अगर सूजन लगातार बनी रहे, तो इसे थकान या ज्यादा चलने-फिरने का असर मानकर टालना नुकसानदायक हो सकता है।

 

Disclaimer / चेतावनी : यह लेख केवल सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टरी परामर्श, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। यदि आपको किडनी से संबंधित लक्षण महसूस हों तो तुरंत किसी योग्य चिकित्सक या नेफ्रोलॉजिस्ट से परामर्श लें।