Raipur News : होली पर्व के दौरान संभावित दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों को ध्यान में रखते हुए राजधानी स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में विशेष चिकित्सा व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। अस्पताल प्रशासन ने त्योहार के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए व्यापक तैयारी करते हुए होली स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था (Holi Emergency Medical Services) को प्रभावी रूप से लागू करने का निर्णय लिया है।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर द्वारा चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मचारियों एवं सभी विभागीय अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि होली के दौरान अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं पूरी क्षमता के साथ संचालित रहेंगी और किसी भी मरीज को इलाज के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य त्योहार के समय स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखना है, जिसे आपात चिकित्सा प्रबंधन योजना (Holi Emergency Medical Services) के तहत लागू किया जा रहा है।
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होली के दिन 4 मार्च को शासकीय अवकाश होने के कारण अस्पताल का बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) बंद रहेगा। हालांकि, अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं पूर्व की भांति 24 घंटे संचालित होती रहेंगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन विभाग में आने वाले सभी मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की विशेष ड्यूटी रोस्टर तैयार की गई है, जिससे त्योहारकालीन स्वास्थ्य सेवाएं (Holi Emergency Medical Services) प्रभावित न हों।
अस्पताल के सभी वार्डों में जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आवश्यक मेडिकल उपकरणों की भी समीक्षा की गई है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत उपचार शुरू किया जा सके। अधीक्षक डॉ. सोनकर ने सभी कर्मचारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश देते हुए कहा है कि त्योहार के दौरान दुर्घटनाएं, रंगों से एलर्जी, जलन, सड़क हादसे और अन्य आपात स्थितियां बढ़ सकती हैं, इसलिए तैयारी पूरी रहनी चाहिए। यह व्यवस्था मरीज सुरक्षा प्राथमिकता मॉडल (Holi Emergency Medical Services) के अनुरूप लागू की गई है।
त्योहार को देखते हुए अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ की गई है। सुरक्षा कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन आवाजाही में किसी प्रकार की बाधा न आए।
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गंभीर मरीजों के बेहतर उपचार के लिए आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं से जोड़ने की भी व्यवस्था की गई है। इसके तहत मरीजों को डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर करने हेतु एम्बुलेंस परिवहन सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। अम्बेडकर अस्पताल से डीकेएस अस्पताल तक त्वरित रेफरल सिस्टम तैयार किया गया है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उन्नत चिकित्सा सुविधा मिल सके। इसे रेफरल इमरजेंसी नेटवर्क (Holi Emergency Medical Services) का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
अस्पताल प्रबंधन ने आम नागरिकों से अपील की है कि होली के दौरान सावधानी बरतें, रासायनिक रंगों से बचें और किसी भी दुर्घटना या स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत अस्पताल की इमरजेंसी (Holi Emergency Medical Services) सेवा का उपयोग करें। प्रशासन का कहना है कि त्योहार खुशी और उत्साह का प्रतीक है, लेकिन सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना भी उतना ही आवश्यक है।
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विशेषज्ञों के अनुसार होली के दौरान आंखों में रंग जाने, त्वचा एलर्जी, जलन, शराब सेवन से जुड़ी समस्याएं और सड़क दुर्घटनाओं के मामले बढ़ जाते हैं। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले से तैयारी (Holi Emergency Medical Services) कर ली जाती है ताकि आपातकालीन सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव को प्रभावी ढंग से संभाला जा सके। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि इस बार सभी विभागों के समन्वय से मरीजों को बेहतर और त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
त्योहार के दौरान चिकित्सा सेवाओं की यह सक्रिय व्यवस्था यह संदेश देती है कि स्वास्थ्य विभाग नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता (Holi Emergency Medical Services) दे रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि सुव्यवस्थित तैयारी के कारण होली के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा और लोगों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
