छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं (Healthcare Skill Development) को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम पहल की है। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में राज्य कौशल विकास प्राधिकरण और सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू का उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना और युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाना है। यह पहल राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में कौशल विकास को नई गति देने वाली मानी जा रही है।
समझौते के तहत प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके माध्यम से युवाओं को आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे उन्हें अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और आपातकालीन सेवाओं में काम करने का अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे न केवल स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि युवाओं के लिए स्थायी रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन पर जोर
राज्य सरकार लंबे समय से इस दिशा में प्रयास कर रही है कि स्वास्थ्य सेवाओं में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित हो। इस एमओयू के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में कौशल विकास (Healthcare Skill Development) को संस्थागत स्वरूप दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को इस तरह तैयार किया गया है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के युवा भी इसका लाभ उठा सकें।
प्रशिक्षण आवासीय और गैर-आवासीय दोनों स्वरूपों में संचालित किए जाएंगे। खास बात यह है कि प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क रहेगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। सरकार का फोकस ऐसे कौशल विकसित करने पर है, जिनकी मांग वर्तमान समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है।
Healthcare Skill Development ये कोर्स होंगे संचालित
एमओयू के तहत चार प्रमुख प्रकार के प्रशिक्षण कोर्स संचालित किए जाएंगे। इनमें मेडिकल लैब तकनीशियन, हृदय रोग तकनीशियन, ईसीजी तकनीशियन, कार्डियक केयर तकनीशियन और आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन का प्रशिक्षण शामिल है। इन कोर्सों के जरिए युवाओं को व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी दक्षता दी जाएगी, जिससे वे सीधे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ सकें। यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में कौशल विकास (Healthcare Skill Development) को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मददगार साबित होगी।
सरकार का फोकस रोजगार सृजन पर
इस अवसर पर सरकार की ओर से कहा गया कि कौशल विकास को विकास की रीढ़ माना गया है। खासकर स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित कर्मियों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह समझौता राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षित युवा अस्पतालों, जांच केंद्रों, एंबुलेंस सेवाओं और अन्य चिकित्सा संस्थानों में अपनी सेवाएं दे सकेंगे।
सरकार का यह भी मानना है कि इस पहल से दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण मिलने से बाहर से कर्मी बुलाने की जरूरत कम होगी और सेवाएं अधिक प्रभावी बनेंगी। यह पूरी योजना स्वास्थ्य क्षेत्र में कौशल विकास (Healthcare Skill Development) को केंद्र में रखकर तैयार की गई है।
दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेगा लाभ
एमओयू (Healthcare Skill Development) के जरिए संचालित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य के विभिन्न हिस्सों में लागू किए जाएंगे। खास तौर पर उन इलाकों पर ध्यान दिया जाएगा, जहां स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सीमित है। प्रशिक्षित युवा इन क्षेत्रों में सेवाएं देकर स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा सकेंगे। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
आगे भी जारी रहेगी पहल
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह एमओयू केवल शुरुआत है। आने वाले समय में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े और भी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। सरकार की योजना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में कौशल विकास (Healthcare Skill Development) को व्यापक स्तर पर लागू कर राज्य को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाए।
