Barnyard Millet : किसानों के लिए फायदे का सौदा, यहां से खरीदें सांवा के बीज

Former News : इन मोटे अनाजों में सांवा (Barnyard Millet) एक फायदेमंद और पोषणयुक्त अनाज है। यह सूखा-सहिष्णु फसल है और कम उपजाऊ भूमि में भी आसानी से उगाया जा सकता है। यदि आप भी सांवा की खेती करना चाहते हैं और इसकी उन्नत वैरायटी के बीज मंगवाना चाहते हैं, तो नीचे दी गई जानकारी के जरिए आप इसे आसानी से मंगवा सकते हैं।

आजकल पूरे देश में मोटे अनाजों की लोकप्रियता बढ़ रही है। लोग शरीर को सेहतमंद रखने के लिए पोषण से भरपूर अनाज खाते हैं। यही वजह है कि देश के किसानों और आम लोगों के बीच मोटे अनाजों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इन अनाजों में सांवा (Barnyard Millet) विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है। यह सूखा-सहिष्णु फसल है और कम उपजाऊ भूमि में भी आसानी से उगाई जा सकती है। यदि आप भी सांवा की खेती करना चाहते हैं और उन्नत वैरायटी के बीज लेना चाहते हैं, तो नीचे दी गई जानकारी की मदद से ऑर्डर कर सकते हैं।

यहां से खरीदें सांवा के बीज

किसान अब तेजी से मोटे अनाजों की खेती बड़े पैमाने पर कर रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी भी बढ़ रही है। इसी वजह से किसान बड़े स्तर पर सांवा की खेती कर रहे हैं। किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम (NSC Online Store) ऑनलाइन सांवा के बीज उपलब्ध करा रहा है। आप इसे एनएससी के ऑनलाइन स्टोर से ऑर्डर करके अपने घर भी मंगवा सकते हैं (Barnyard Millet Seeds Online)।

Barnyard Millet  सांवा के किस्म की खासियत

DHBM -93-3 सांवा की एक खास और तेजी से बढ़ने वाली किस्म है। यह लगभग 45-60 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है और सूखे जैसे क्षेत्रों में भी आसानी से उगाई जा सकती है (Barnyard Millet DHBM 93-3)।

DHBM -93-3 सांवा की कीमत

यदि आप भी सांवा की खेती करना चाहते हैं, तो इसके 4 किलो के पैकेट का बीज फिलहाल 7% छूट के साथ केवल 313 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसे खरीदकर आप आसानी से सांवा की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं (Barnyard Millet Seeds Price)।

Barnyard Millet सांवा की खेती कैसे करें

सांवा की बुवाई सितंबर में की जाती है। इसे ऊंची और अच्छी जल निकासी वाली बलुई दोमट या मटियार मिट्टी में उगाना चाहिए। खेत तैयार करते समय हल्की जुताई करें और देसी खाद मिलाएं। बुवाई से पहले बीज को रात भर भिगोकर सुखाकर बोएं। सांवा सूखा प्रतिरोधी फसल है, लेकिन फूल आने की अवस्था में एक बार सिंचाई करना आवश्यक है। बुवाई के 20-25 दिन बाद पहली निराई-गुड़ाई करें और फसल पकने पर कटाई करके बंडल बनाकर सुखा लें (Barnyard Millet Farming Tips)।