Chhattisgarh Tourism : छत्तीसगढ़ का बारनवापारा अभयारण्य (Barnawapara Wildlife Sanctuary) प्रकृति, वन्यजीव और शांत वातावरण का अद्भुत संगम है। घने जंगल, जैव विविधता, रोमांचक जंगल सफारी और आसपास के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल इसे वीकेंड ट्रैवल के लिए खास बनाते हैं। यहां प्रकृति, अध्यात्म और इतिहास का अनोखा अनुभव एक साथ मिलता है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 100 किलोमीटर दूर महासमुंद जिले में स्थित बारनवापारा अभयारण्य (Barnawapara Wildlife Sanctuary) प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए बेहद आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। लगभग 245 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह अभयारण्य साल और सागौन के घने जंगलों, शांत वातावरण और समृद्ध जैव विविधता के कारण राज्य के प्रमुख इको-टूरिज्म केंद्रों में शामिल है। यहां पहुंचते ही पर्यटकों को प्रकृति के बीच एक अलग दुनिया का अनुभव होता है, जहां हरियाली और वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियां मन को सुकून देती हैं।
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बारनवापारा अभयारण्य (Barnawapara Wildlife Sanctuary) में चीतल, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर, चौसिंगा और भालू जैसे वन्यजीव आसानी से देखे जा सकते हैं, जबकि कई बार तेंदुए की झलक भी पर्यटकों के लिए रोमांच का कारण बनती है। यहां विभिन्न प्रजातियों के पक्षी वातावरण को जीवंत बनाते हैं, जिससे यह स्थान बर्ड वॉचिंग के लिए भी उपयुक्त माना जाता है। वन विभाग द्वारा संचालित जीप सफारी पर्यटकों को जंगल के भीतर सुरक्षित भ्रमण का अवसर प्रदान करती है। सुबह और शाम का समय वन्यजीवों को देखने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।

यातायात सुविधाओं की दृष्टि से बारनवापारा अभयारण्य (Barnawapara Wildlife Sanctuary) अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। निकटतम हवाई अड्डा रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट है, जबकि रेल यात्रियों के लिए रायपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन सबसे सुविधाजनक विकल्प है। रायपुर, महासमुंद और बलौदाबाजार से नियमित बस एवं टैक्सी सेवाएं उपलब्ध रहती हैं। निजी वाहन से यात्रा करना पर्यटकों के लिए अधिक सुविधाजनक माना जाता है।
अभयारण्य में प्रवेश शुल्क और सफारी शुल्क निर्धारित हैं तथा पार्किंग, गाइड, वॉच टॉवर, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि सफारी के लिए अग्रिम बुकिंग करें और प्लास्टिक का उपयोग न करें, ताकि प्राकृतिक वातावरण सुरक्षित बना रहे। पर्यटन मंडल द्वारा संचालित मोहदा रिसोर्ट यहां का विशेष आकर्षण है, जहां प्राकृतिक वातावरण के बीच आधुनिक सुविधाओं से युक्त कमरे, रेस्टोरेंट और परिवारों के लिए आरामदायक ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध है।
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बारनवापारा अभयारण्य (Barnawapara Wildlife Sanctuary) के समीप स्थित तुरतुरिया भी पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यह स्थान अपने प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वन क्षेत्र और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। लोक मान्यताओं के अनुसार महर्षि वाल्मीकि का आश्रम यहीं स्थित था और माता सीता ने वनवास के दौरान यहां आश्रय लिया था। लव-कुश के जन्म से जुड़ी धार्मिक आस्था के कारण यह क्षेत्र श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। यहां बहती जलधाराएं, प्राकृतिक झरने और घना जंगल पर्यटकों को प्रकृति के और करीब ले जाते हैं।

अभयारण्य से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित सिरपुर ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। प्राचीन मंदिर, बौद्ध विहार और पुरातात्विक अवशेष यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले पर्यटक बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। इस तरह बारनवापारा अभयारण्य (Barnawapara Wildlife Sanctuary), तुरतुरिया और सिरपुर मिलकर एक संपूर्ण पर्यटन परिपथ तैयार करते हैं।
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पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार यहां घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से जून तक माना जाता है। वर्षा ऋतु में हरियाली अपने चरम पर होती है, हालांकि कभी-कभी सफारी सेवाएं सीमित रह सकती हैं। यात्रा के दौरान हल्के रंग के कपड़े पहनना, दूरबीन और कैमरा साथ रखना तथा वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है।
यदि आप सप्ताहांत में सुकून, रोमांच और प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं, तो बारनवापारा अभयारण्य (Barnawapara Wildlife Sanctuary) आपके लिए एक आदर्श पर्यटन गंतव्य साबित हो सकता है, जहां प्रकृति, इतिहास और आध्यात्मिकता का अनोखा संगम देखने को मिलता है।
