Amit Jogi Bail : अब नहीं मिलेगा वक्त!… जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट सख्त, 2 अप्रैल अंतिम सुनवाई

छत्तीसगढ़ के चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में अब मामला निर्णायक मोड़ पर (Amit Jogi Bail) पहुंच गया है। आज हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान Amit Jogi की ओर से अतिरिक्त समय मांगा गया, लेकिन कोर्ट ने इस मांग को सख्ती से खारिज कर दिया। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने साफ कहा कि अब इस मामले में और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अगली तारीख पर अंतिम सुनवाई होगी।

कोर्ट का साफ संदेश-अब फैसला करीब (Amit Jogi Bail)

सुनवाई के दौरान अदालत का रुख बेहद स्पष्ट नजर आया। कोर्ट ने यह संकेत दिया कि लंबे समय से लंबित इस मामले को अब अंतिम रूप देने का समय आ गया है। इसी के तहत कल की तारीख तय करते हुए कहा गया कि अब बहस पूरी कर मामले को निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा।

23 साल पुराना मामला, आज भी चर्चा में

गौरतलब है कि 4 जून 2003 को Ram Avtar Jaggi की गोली मारकर हत्या (Amit Jogi Bail) कर दी गई थी। इस घटना ने उस समय पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। मामले में कुल 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से दो सरकारी गवाह बन गए थे।

ट्रायल कोर्ट का फैसला और आगे की लड़ाई

साल 2007 में निचली अदालत ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन Amit Jogi को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए जग्गी के बेटे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद मामला दोबारा हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए भेजा गया।

अंतिम सुनवाई से पहले जमानत

इसी बीच, अंतिम सुनवाई से पहले अमित जोगी को रायपुर की निचली अदालत से जमानत (Amit Jogi Bail) मिल चुकी है। उन्हें 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर राहत दी गई है। हालांकि, कानूनी रूप से उनका भविष्य अब पूरी तरह हाईकोर्ट के फैसले पर निर्भर है।

फैसले पर टिकी सबकी नजर

अब पूरे प्रदेश की नजर कल होने वाली अंतिम सुनवाई पर टिकी हुई है। यह मामला न सिर्फ कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है। कोर्ट के अंतिम फैसले से इस लंबे समय से चल रहे केस पर पूरी तरह विराम लग सकता है।