Rajya Sabha Nomination : रेखा-सचिन के बाद अब उज्ज्वल निकम-श्रृंगला राज्यसभा में, जानें किन कारणों से चुने गए ये चेहरे

Rajya Sabha Nomination : भारत की संसद के उच्च सदन राज्यसभा (Rajya Sabha Nomination) में अब चार नई प्रतिष्ठित हस्तियों की आवाज गूंजेगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत चार विशिष्ट व्यक्तियों को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है।

इनमें पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, प्रसिद्ध सरकारी वकील उज्ज्वल निकम, वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. मीनाक्षी जैन और केरल के सामाजिक कार्यकर्ता सी. सदानंदन मास्टर शामिल हैं। इन चारों हस्तियों का चयन उनके-अपने क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के आधार पर किया गया है। राष्ट्रपति द्वारा किया गया यह नामांकन राज्यसभा की 12 मनोनीत सीटों में से चार रिक्त पदों को भरने के लिए हुआ है।

कौन हैं ये नवमनोनीत सदस्य (Rajya Sabha Nomination)

हर्षवर्धन श्रृंगला : भारत के पूर्व विदेश सचिव रहे श्रृंगला विदेश नीति और कूटनीति के क्षेत्र में चार दशकों का अनुभव रखते हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, अमेरिका में राजदूत और विदेश मंत्रालय में कई शीर्ष पदों पर कार्य किया है।

उज्ज्वल निकम : देश के सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल मामलों में सरकारी पक्ष की पैरवी कर चुके उज्ज्वल निकम का नाम 26/11 मुंबई हमले, प्रेमलता केस, और अक्षरधाम हमला जैसे मामलों से जुड़ा रहा है। उनके सशक्त तर्कों और अदालती अनुभव ने उन्हें एक अलग मुकाम पर पहुंचाया है।

डॉ. मीनाक्षी जैन : भारतीय इतिहास और संस्कृति की विद्वान डॉ. मीनाक्षी जैन ने शिक्षा और शोध के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पुस्तकें और अध्ययन प्रस्तुत किए हैं। वे भारतीय परंपरा, धर्म और इतिहास पर गहरी पकड़ रखती हैं और लंबे समय तक दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़ी रही हैं।

सी. सदानंदन मास्टर : केरल के सामाजिक कार्यकर्ता मास्टर लंबे समय से शिक्षा, समाजसेवा और गरीबों के अधिकारों के लिए कार्य करते रहे हैं। वे खुद भी राजनीतिक हिंसा का शिकार हो चुके हैं, लेकिन उनके कार्यों ने उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया है।

संवैधानिक प्रावधान और उद्देश्य (Rajya Sabha Nomination)

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80(1)(a) और 80(3) के तहत राष्ट्रपति को यह अधिकार प्राप्त है कि वे साहित्य, विज्ञान, कला और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों के उन विशेषज्ञों को राज्यसभा में मनोनीत करें, जो आम चुनावों के जरिए सदन में नहीं पहुंच पाते लेकिन जनहित से जुड़ी गहरी समझ रखते हैं।

राज्यसभा में कुल 250 सदस्यों में से 12 को राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किया जा सकता है। इन नामांकनों का उद्देश्य संसद में विशेषज्ञता, संतुलन और विविधता लाना है। स्वतंत्रता के बाद से लता मंगेशकर, एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी, रेखा, सचिन तेंदुलकर जैसे नामी लोग इस प्रक्रिया के तहत राज्यसभा पहुंचे हैं।

(Rajya Sabha Nomination) राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा नामांकन 2025

12 जुलाई 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चार प्रतिष्ठित हस्तियों को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया – पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, वकील उज्ज्वल निकम, इतिहासकार मीनाक्षी जैन और सामाजिक कार्यकर्ता सी. सदानंदन मास्टर। इनका चयन संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत किया गया है, जो ऐसे व्यक्तियों को संसद में प्रतिनिधित्व देता है, जिनका जनसेवा, शिक्षा, कला या विज्ञान में विशिष्ट योगदान रहा हो।