Durg Illegal Opium Cultivation : अफीम खेती मामले में नया मोड़, निलंबित कृषि अधिकारी की बहाली, 7 आरोपी पहले ही पहुंच चुके जेल

Durg Illegal Opium Cultivation : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध अफीम खेती मामले में प्रशासनिक कार्रवाई के बीच अब एक नया मोड़ सामने (Durg Illegal Opium Cultivation) आया है। मामले में निलंबित कृषि विस्तार अधिकारी को बहाल कर दिया गया है, जबकि दूसरी ओर इस केस में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर भी कई सवाल खड़े किए हैं।

निलंबन के बाद मिली पुनः पदस्थापना (Durg Illegal Opium Cultivation)

ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को पहले कर्तव्य में लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के आरोप में निलंबित किया गया था। हालांकि, अब उन्हें दोबारा सेवा में लेते हुए विकासखंड स्तर पर नई जिम्मेदारी सौंप दी गई है। विभागीय स्तर पर इस निर्णय को लेकर चर्चा भी तेज है।

कैसे सामने आया पूरा मामला

जांच में सामने आया था कि खेतों में मक्के की फसल दिखाकर असल में अफीम की खेती (Durg Illegal Opium Cultivation) की जा रही थी। यह अवैध गतिविधि लंबे समय तक चलती रही, लेकिन समय पर निरीक्षण नहीं होने के कारण मामला पकड़ में नहीं आ पाया। जब खुलासा हुआ तो प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क को उजागर किया।

5 एकड़ जमीन पर फैला था अवैध कारोबार

ग्राम समोदा में करीब 5 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बड़ी मात्रा में अवैध फसल जब्त की, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई। इसके बाद सभी पौधों को नष्ट कर दिया गया ताकि आगे इसका दुरुपयोग न हो सके।

अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार

इस मामले में मुख्य आरोपी समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा (Durg Illegal Opium Cultivation) जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि इस अवैध खेती में कई लोग मिलकर काम कर रहे थे। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य संभावित कड़ियों की भी तलाश कर रही है।

प्रशासनिक निगरानी पर उठे सवाल

इस पूरे प्रकरण के बाद कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए हैं। समय पर निरीक्षण और सत्यापन नहीं होने के कारण इतनी बड़ी अवैध गतिविधि चलती रही। हालांकि, अब प्रशासन ने निगरानी को और सख्त करने के संकेत दिए हैं।