छत्तीसगढ़ में ठगी का एक नया तरीका सामने (Chhattisgarh Fraud Case) आया है, जिसमें सरकारी पद और प्रभाव का डर दिखाकर अस्पताल संचालकों से पैसे ऐंठने की कोशिश की गई। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के नाम का इस्तेमाल किया गया, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। सूत्रों के अनुसार, एक व्यक्ति खुद को ‘अजय अग्रवाल’ बताकर अस्पतालों से संपर्क कर रहा था और खुद को उच्च स्तर से जुड़ा अधिकारी बताते हुए बातचीत करता था।
“आपके अस्पताल पर शिकायत है…” कहकर बनाया दबाव (Chhattisgarh Fraud Case)
आरोपी का तरीका बेहद सुनियोजित था। वह अस्पताल संचालकों को फोन (Chhattisgarh Fraud Case) करता और कहता कि उनके संस्थान के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज हुई है। इसके बाद वह यह संकेत देता कि मामला “ऊपर तक” पहुंचने से पहले निपटाया जा सकता है। इस बहाने वह संचालकों पर दबाव बनाता और बदले में मोटी रकम की मांग करता। कई मामलों में बातचीत इतनी गंभीर दिखाई गई कि लोग असमंजस में आ गए।
विभाग ने किया खंडन, बताया फर्जीवाड़ा
इस पूरे मामले को लेकर स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने साफ किया है कि उनके विभाग में ‘अजय अग्रवाल’ नाम का कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से फर्जी गतिविधि है, जिसमें उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने इसे गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं सरकारी तंत्र की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती हैं।
प्रदेश के कई शहरों में फैला जाल
जानकारी के अनुसार, इस ठगी के प्रयास में भिलाई, दुर्ग और बिलासपुर के अस्पताल संचालकों को निशाना (Chhattisgarh Fraud Case) बनाया गया। कुछ संचालकों ने बताया कि उन्हें लगातार कॉल कर डराने की कोशिश की गई और शिकायत खत्म करने के नाम पर पैसे मांगे गए। इस मामले की जानकारी सामने आने के बाद अन्य अस्पताल संचालक भी सतर्क हो गए हैं।
पुलिस को सौंपा गया मामला (Chhattisgarh Fraud Case)
स्वास्थ्य सचिव द्वारा पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत दिए जाने के बाद अब जांच (Chhattisgarh Fraud Case) तेज हो गई है। पुलिस कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि आरोपी की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में डिजिटल सबूत अहम भूमिका निभाते हैं और जल्द ही आरोपी तक पहुंचने की संभावना है।
लोगों को दी गई चेतावनी
प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि कोई भी अधिकारी फोन पर इस तरह पैसे की मांग नहीं (Chhattisgarh Fraud Case) करता। ऐसे में अगर किसी को इस तरह का कॉल आता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और इसकी जानकारी पुलिस को दें। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि ठग अब नई-नई तरकीबें अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
