Oil Palm Farming Subsidy Chhattisgarh : ऑयल पाम की खेती पर अनुदान के साथ मिलेगा अतिरिक्त टॉपअप

Chhattisgarh News : खाद्य तेल उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने ऑयल पाम की खेती (Oil Palm Farming Subsidy Chhattisgarh) को लेकर एक बड़ा और किसान हितैषी निर्णय लिया है। इसके तहत अब ऑयल पाम की खेती करने वाले किसानों को केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाले अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन की ओर से टॉपअप अनुदान भी प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार दीर्घकालीन और अधिक लाभ देने वाली फसलों को प्रोत्साहित कर रही है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के प्रयासों से छत्तीसगढ़ में ऑयल पाम की खेती (Oil Palm Farming Subsidy Chhattisgarh) तेजी से विस्तार पकड़ रही है। सरकार के इस नीतिगत फैसले से किसान ऑयल पाम को एक सुरक्षित और भरोसेमंद आय के साधन के रूप में अपना रहे हैं।

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उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के अनुसार नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल – ऑयल पाम योजना के तहत राज्य शासन ने चार प्रमुख घटकों में अतिरिक्त टॉपअप अनुदान देने का निर्णय लिया है। इनमें ऑयल पाम बागान के रख-रखाव (Oil Palm Farming Subsidy Chhattisgarh), अंतरवर्तीय फसल, ड्रिप सिंचाई और फेंसिंग शामिल हैं। पहले तीन घटकों में केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा अनुदान पहले से दिया जा रहा था, जबकि अब फेंसिंग पर भी अतिरिक्त अनुदान का प्रावधान किया गया है।

योजना के अंतर्गत पहले केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा 60:40 के अनुपात में लगभग 1.30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जा रहा था। इसके अतिरिक्त अब राज्य सरकार द्वारा 69,620 रुपये प्रति हेक्टेयर का टॉपअप अनुदान वित्तीय वर्ष 2025-26 से दिया जाएगा।
रख-रखाव के लिए 10,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की इकाई लागत पर पहले 5,250 रुपये का अनुदान मिलता था, अब इसके साथ 1,500 रुपये प्रति हेक्टेयर का अतिरिक्त टॉपअप अनुदान दिया जाएगा।

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इसी प्रकार अंतरवर्तीय फसल लेने पर 10,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की लागत पर पहले 5,250 रुपये का अनुदान (Oil Palm Farming Subsidy Chhattisgarh) दिया जा रहा था, जिसमें अब 5,000 रुपये प्रति हेक्टेयर का अतिरिक्त टॉपअप जोड़ा गया है। ड्रिप सिंचाई के लिए 31,399 रुपये प्रति हेक्टेयर की इकाई लागत पर पहले 14,130 रुपये का अनुदान मिलता था, जिसके अतिरिक्त अब 8,635 रुपये प्रति हेक्टेयर का टॉपअप अनुदान दिया जाएगा।

इसके अलावा अब ऑयल पाम बागानों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग पर भी अनुदान दिया जाएगा। इस घटक के अंतर्गत 1,08,970 रुपये प्रति हेक्टेयर की इकाई लागत पर 54,485 रुपये प्रति हेक्टेयर का टॉपअप अनुदान प्रदान किया जाएगा। इससे ऑयल पाम की खेती (Oil Palm Farming Subsidy Chhattisgarh) करने वाले किसानों की प्रारंभिक लागत में बड़ी राहत मिलेगी।

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गौरतलब है कि ऑयल पाम एक दीर्घकालीन फसल है, जिसमें रोपण के चौथे वर्ष से उत्पादन प्रारंभ होकर लगभग 30 वर्षों तक लगातार आय (Oil Palm Farming Subsidy Chhattisgarh) प्राप्त होती है। पारंपरिक तिलहनी फसलों की तुलना में ऑयल पाम से तेल उत्पादन क्षमता चार से छह गुना अधिक होती है। साथ ही इसमें रोगों का प्रकोप कम होता है और शुरुआती 3–4 वर्षों के बाद रख-रखाव की लागत भी बहुत कम हो जाती है।

बाजार में ऑयल पाम तेल की मांग लगातार बनी रहने के कारण किसानों को लंबे समय तक स्थायी और सुरक्षित आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। खेती की लागत घटाने और किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने अनुदान और टॉपअप की राशि में यह वृद्धि की है। ऑयल पाम की खेती (Oil Palm Farming Subsidy Chhattisgarh) से जुड़ा लाभ प्राप्त करने के लिए किसान अपने जिले के नजदीकी उद्यानिकी विभाग से संपर्क कर सकते हैं।