Baramkela News : छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला वन क्षेत्र के तहत पैंकिन परिसर में तेंदुए (Tendua Ki Mout) की संदिग्ध मौत ने रहस्य उत्पन्न कर दिया है। वन विभाग ने प्रारंभिक जांच में इसे बिजली करंट से हुई मौत मानने से इंकार कर दिया है।
क्योंकि तेंदुए (Tendua Ki Mout) की लाश में जलने के कोई निशान नहीं पाए गए हैं। इस मामले को लेकर विभाग ने तेंदुए के अंगों को फारेंसिक जांच के लिए देहरादून लैब भेजा है, ताकि मौत के कारणों का सही पता चल सके।
पैंकिन जंगल में पिछले सप्ताह तेंदुए (Tendua Ki Mout) की लाश संदिग्ध स्थिति में पाई गई थी। पहले इसे बिजली करंट से मौत की सूचना दी गई थी, लेकिन विभाग के जांच दल ने पाया कि लाश में करंट से जलने का कोई निशान नहीं था, और न ही घटनास्थल पर तार आदि बरामद हुए।
इसके बाद रेंजर सेवक राम बैगा ने अपनी टीम के साथ घटनास्थल का दौरा किया और आसपास के गांवों में पूछताछ की। उनका कहना था कि तेंदुए की मौत संभवतः प्राकृतिक कारणों से हुई है, और रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
बीटगार्ड को निलंबित किया गया (Tendua Ki Mout)
वहीं, तेंदुए की मौत के मामले में जिम्मेदारी से बचने के लिए विभाग ने पैंकिन क्षेत्र के बीटगार्ड मनमोहन बरिहा को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उस समय की गई, जब मामले की गोपनीयता लीक हो गई और घटना सार्वजनिक हो गई। वन विभाग अधिकारियों का मानना है कि बीटगार्ड द्वारा उचित निगरानी न रखे जाने के कारण यह मामला उभरा है।
फारेंसिक जांच का इंतजार (Tendua Ki Mout)
सारंगढ़ रेंजर सेवक राम बैगा के अनुसार, तेंदुए की खाल, किडनी और अन्य अंगों को फारेंसिक जांच के लिए देहरादून भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तेंदुए की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक तेंदुए की मौत को लेकर रहस्य बरकरार रहेगा।

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