Gariaband News : महिला डाक्टरों से मानसिक प्रताड़ना और दुर्व्यवहार के मामले में जिला अस्पताल गरियाबंद में पदस्थ सिविल सर्जन (Civil Surgeon Suspended) डा. मुकेश हेला को निलंबित कर दिया गया है। यह निलंबन आदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अवर सचिव मुकेश चौहान ने जारी किया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय रायपुर संभागीय स्वास्थ्य सेवाएं कार्यालय निर्धारित किया गया है।
बता दें कि जिला अस्पताल गरियाबंद में पदस्थ महिला चिकित्सकों ने सिविल सर्जन पर मानसिक प्रताड़ना और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था, जिसके बाद सिविल सर्जन के विरुद्ध विशाखा कमेटी की जांच बिठाई गई थी। कमेटी के प्रमुख जिला पंचायत सीईओ रीता यादव ने जांच रिपोर्ट 11 नवंबर को सौंप दी थी, जिसमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, डा. हेला द्वारा प्रयोग किए गए शब्द अभद्रता की श्रेणी में आते हैं। यह घटना सरकारी सेवाओं में आचरण और अनुशासन पर सवाल खड़ा करती है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता प्रदान की जाएगी। बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगाई गई है।
कलेक्टर व विधायक भी चल रहे थे नाराज (Civil Surgeon Suspended)
बता दें कि कलेक्टर दीपक अग्रवाल और राजिम विधायक रोहित साहू द्वारा अलग-अलग समय में जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया था। सिविल सर्जन इस निरीक्षण में अस्पताल से अनुपस्थित मिले थे, जिसके चलते अफसर और जनप्रतिनिधि भी नाराज चल रहे थे।
विधायक रोहित साहू ने कहा कि प्रदेश में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन की सरकार है जो जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। जो भी अधिकारी जनहित को छोड़कर स्वहित को ध्यान देंगे उन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
किसी भी प्रकार की अव्यवस्था और लापरवाही अब जिले में नहीं चलेगी। आमजनों के हित में ही सारे कार्य किए जा रहे हैं तथा शासन की योजनाओं पर पलीता लगाने का काम अब नहीं चलेगा। सुशासन के लिए प्रतिबद्ध सरकार प्रदेश के सर्वहारा वर्ग की चिंता कर रही है और सबका साथ सबका विकास के परिकल्पना को साकार करने का कार्य कर रही है।

