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आत्मानंद स्कूलों की दुर्दशा और शिक्षकों की कमी पर जवाब दें भूपेश सरकार : ………………..
…………………….। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वामी आत्मानंद स्कूलों के मॉडल का उदाहरण देशभर में देते रहते हैं, पर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। बड़े-बड़े विज्ञापन देकर अपना चेहरा चमका रहे हैं। आज इसी स्कूल के बच्चे सड़क पर उतरने को विवश है। प्रदेश की भ्रष्ट और कमीशनखोर सरकार अपने मॉडल स्कूलों में शिक्षकों सहित आवश्यक पदों पर भर्ती भी नहीं कर पा रही है। पद रिक्त होने के कारण पढ़ाई ठप हो रही हैं, जिसका खामियाजा प्रदेश के छात्रों को उठाना पड़ रहा हैं।
…….ने दंतेवाड़ा जिले के गीदम जवांगा स्थित कन्या स्वामी आत्मानंद हिंदी मीडियम स्कूल के 9वीं से 12वीं कक्षा के बच्चों ने शिक्षकों की कमी को लेकर नेशनल हाईवे को 1 घंटे तक जाम करने का उदाहरण देते हुए कहा कि पूरे राज्य में कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था का कबाड़ा कर दिया है। …… ……………ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आदिवासी अंचल के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था पर ग्रहण लगा दिया है।
…………….ने कहा जो सरकार पांच सालों में 14 हजार शिक्षकों की नियमित भर्ती नहीं कर पायी है। वह कैसे और किस तरह प्रदेश के बच्चों को शिक्षा देगी। सरकारी स्कूलों की लचर व्यवस्था से अभिभावक चिंतित हैं। कई ऐसे विद्यालय हैं जहां विद्यार्थियों के सरकारी अनुपात के अनुरूप न कमरें हैं और न ही शिक्षक। विद्यालयों की समस्या देखकर सरकारी तौर पर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दावे खोखले हैं।
………………….ने कहा दंतेवाड़ा ही नहीं, राज्य की कमीशनखोर और भ्रष्ट सरकार ने जितने भी आत्मानंद अंग्रेजी और हिंदी माध्यम स्कूल खोले हैं। सभी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, स्कूल भवन की कमी, फर्नीचर इत्यादि सारी सुविधाओं की कमी है। प्रदेश की झूठी और निकम्मी सरकार ने इन स्कूलों के लिए भर्ती में भी जमकर धांधली कर रही है। जिस तरह कोयला, शराब, गोबर घोटाला, पीएससी भर्ती में गड़बड़ी की है, उसी तरह आत्मानंद स्कूलों में भी भर्ती में जमकर गड़बड़ी की है।
………………… ने कहा छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में जो क्रांतिकारी परिवर्तन भाजपा सरकार के शासनकाल में ही आया। प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर और दंतेवाड़ा समेत पूरे प्रदेश को एजुकेशन हब बनाने का काम बीजेपी ने ही किया। जितने भी शैक्षिक संस्थान बने, विकसित हुए, सभी बीजेपी सरकार की देन है। भाजपा ने प्रदेश में शिक्षा की ज्योति फैलाने का काम किया है। इस पर प्रदेश की भ्रष्टाचारी भूपेश सरकार उसे खत्म करने का काम कर रही है और आज पूरे राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बदहाल कर दिया है। इसी की नतीजा है कि आज स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सबसे निचले क्रम पर है। शैक्षणिक स्तर में देश के 32 राज्य छत्तीसगढ़ से बेहतर हैं।
